११. शूद्र जातिओं का उद्धार

स्वामिनारायण ने मछुआरे, चरवाहे आदि कहलानेवाली पिछडी जातियों के मनुष्यों के साथ संपर्क कर उनके जीवन में रुचि लेकर उनकी क्रियाओं में ओतप्रोत होकर उनके जीवन को उन्नत किया; उसी प्रकार कणबी (एक जाति), बढई, मिस्त्री, दर्जी, मछुआरे, मोची, खोजा ईत्यादि निम्न स्तर के लोगों को समृद्ध तथा आचारशुद्ध बनाया; गणिका सदृश गलत राह पर जानेवाली स्त्री को भी सही राह पर लाकर उसका उद्धार किया। इस प्रकार स्वामिनारायण अधमोद्धारक के रूप में पहचाने जाने लगे।