२१. उत्सव-धार्मिक उत्सव का आयोजन

मनुष्यों को जीवन में सात्विक आनंद तथा उत्साह प्राप्त हो तथा साथ में धर्म, ज्ञान तथा भक्ति के उच्च संस्कार प्राप्त हो इसलिए उत्सव तथा धार्मिक उत्सव एवं संमेलनों का स्वामिनारायण ने सुंदर आयोजन किया। ऐसे धार्मिक उत्सव जगह-जगह होते थे। वहाँ ज्ञानवार्ता होती। जिसके परिणाम स्वरूप संघबल तथा भ्रातृभाव भी व्यापक हुआ।